0 Indiaah Indiaah

Alternative content

Get Adobe Flash player

Last Sunday chhattisgarh
पुरुष के शव पर महिला का सिर, अंग दान केंद्र की खौफनाक तस्वीर   |   कांवड़ यात्रा कि वजह से गाजियाबाद और मेरठ के स्कूल-कॉलेज 30 जुलाई तक रहेंगे बंद   |   सात जिलों में पानी का स्तर बढ़ने से मरने वालो कि संख्या बरती ही जा रही है   |   Vodafone ने 1,,699 का प्रीपेड प्लान बदल दिया है, जिसपर रोज 1।5GB डेटा मिलेगा   |   9 बैंकों के क्रेडिट कार्ड के जाल में फंसने पर परिवार ने कि आत्महत्या   |   सरकारी योजना जैसे नाम की वेबसाइट बनाकर लोगो को ठगा, 12वीं फेल युवक की करतूत   |   21 दिन में छह गोल्ड जीतने वाली भारतीय एथलीट ने रचा इतिहास, आइये जानते है उन्होंने कैसे किया ये चमत्कार   |   युवती के पेट से बरामद 1।5 किलो सोना और 90 सिक्के, डॉक्टर भी हैरान   |   भारत का पहला गार्बेज कैफ़े, प्लास्टिक के बदले मिलेगा खाना   |   घर में 11 लाख के नकली नोट कि छपाई कर महंगी गाड़ी खरीदने पहुंची महिला।।।शोरूम में कैश दिखाते ही पकड़ी गयी   |  
राजनीतिक समाचार
आरएसएस को अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने का अधिकार नहीं: जगद्गगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
भोपाल| राष्रट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) अथवा किसी ऐसे दल को अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बनाने का अधिकार नहीं है जो उन्हें भगवान नहीं केवल आदर्श महापुरुष की मान्यता देता हो। संघ भी आर्य समाज की तरह राम को आदर्श मनुष्य ही मानता है। ऐसे लोगों को हिंदू समाज अपने आराध्य का मंदिर बनाने की अनुमति नहीं दे सकता।

द्वारका शारदापीठ के शंकराचार्य जगद्गगुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने एक विशेष मुलाकात में कहा कि संत समाज भगवान राम को अपना आराध्य मानता है, जबकि आरएसएस के लिए वह केवल राष्ट्रीय महापुरुष और मर्यादा पुरुषोत्तम भर हैं। ये लोग तो मंदिर में राम की प्रतिमा लगाएंगेए भगवान की विग्रह (मूर्ति) नहीं। हम तो अपने इष्ट की मूर्ति को प्राणवान मानकर यह ख्याल रखते हैं कि उन्हें भूख, जाड़ा और गर्मी भी लगती है और इसी मान्यता से उनका पूजन-अर्चन करते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि संघ के पूर्व सर संघ चालक माधव सदाशिव गोलवलकर ने अपनी विचार नवनीत नामक पुस्तक में स्पष्ट कहा है कि हमारी मुख्य कमजोरी यह है कि हम अपने महापुरुषों को ईश्वर की श्रेणी में रखकर पूजा करते हैं। जगद्गगुरु ने बताया कि रावण ने जब राम को सामान्य मनुष्य कहा तब उसकी सभा में मौजूद अंगद ने रावण पर मुक्का तान लिया था। संत समाज भगवान राम को परमात्मा का अवतार मानता है।

उन्होंने कहा कि यह मांग ऐसे संतों की है जो किसी राजनीतिक दल से संबद्ध नहीं हैं। अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने दोहराया कि यही कारण है कि संघ को लेकर मैंने यह बात कही।
back
next
दिनांक : 26 March 2013 05:22:08 द्वारा : Hrishikesh पसंद करे :
शेयर करे :
TAGS : #
एक नजर यहाँ भी
SamacharPatr